ऐसा भी कोई शख्स कभी-कभार मिले
कि जिसके होने से दिल का
खोया हुआ सुकून-ओ-क़रार मिले
जिस्म को तो नोचती हैं
बहुत सी आँखें यहाँ
जिसको रूह की तलब हो
कोई ऐसा तो कहीं एक यार मिले।


ऐसा भी कोई शख्स कभी-कभार मिले
कि जिसके होने से दिल का
खोया हुआ सुकून-ओ-क़रार मिले
जिस्म को तो नोचती हैं
बहुत सी आँखें यहाँ
जिसको रूह की तलब हो
कोई ऐसा तो कहीं एक यार मिले।