मिलाए ना मिलाए,किस्मत की मर्ज़ी है,तेरे लबों की हँसी सलामत रहे,बस ख़ुदा से मेरी एक यही अर्ज़ी है।
मिलाए ना मिलाए,किस्मत की मर्ज़ी है,
तेरे लबों की हँसी सलामत रहे,बस ख़ुदा से मेरी एक यही अर्ज़ी है।