बिन जाणे व्यक्तित्व किसेका
एक पल म बंदे न तोल देंगे
ये ज्ञानी कुंडली भी खोल देंगे
मतलब बेरा ना पर बोल देंगे
नफरत है मनै बोहत घणी
इन धर्म जात के ठेकेदारां तै
तासीर बिन पैंदे के लोटे बरगी
बाण हो माड़ी लुगाईयां आली
नू की नू न आवै चुगली लाणी
कुत्ते बिल्ली तै न्यारी ना कहाणी
खरे उसूलां आले दुश्मन चंगे
ऐसे खार खाण आले यारां तै
धन अर पब्लिसिटी के लालच म
ये अपनी इज्जत न भी खोजां सै
कुछ कमी संस्कारां की होजा सै
बेरा ना वा कित जमीर सोजा सै
है कती धिक्कार इनके जीने पै
धरती मॉं कलंकित इसी नारां तै
समझै ना बहाण बेटी किसे नै
गंद भरी नजरां तै लखावै हैं
लक्षण खानदान के दिखावै हैं
ये फुकरे फेर इश्क सिखावै हैं
सड़ते कचरे बराबर है वजूद
घिन आवै मनै इन बेशर्म जारां तै
चालै सूखे नारे भाषणबाजी
बोलण के टेम गूंगे हो जाया करै
फेर विपक्षी फायदा ठाया करै
सदाबहार मुद्दे ढूंढ कै लाया करै
जागरूकता विकास न्याय सुधार
के आस लाई जा गिरी सरकारां तै

