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इंसान नहीं..


संकट आपदाएं रोज के किस्सेजैसे कुदरत हम पर मेहरबान नहींसारा कुछ प्रकृति का येहम में से कोई यहां मेजबान नहीं ।।

बनता किसी पे एहसान नहींहर मशहूरी का मतलबहोता सम्मान नहींदुनिया में लोग बहुतढूंढे मिलते उम्दा इंसान नहीं ।।

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