जो हर किसे गैल होजा
जडे जिस्म वासना रहजा
पवित्रता जिसकी खोजा
वफा के जो चंद पलां म बहजा
जीना पडै इश्क loyal पडै रहना
तीन अक्षरा म बयां होजा
वो इजहार थोड़ी होया करै
यो ईसा प्यार थोड़ी होया करै
भाईयां में बैर पड़वा दे
कुणबे में दीवार ल्यादे
नीची नाड़ किते झुकवादे
धन दौलत पै नीत डिगाले
घर की बीती बाहर सुनादे
बनी प्रतिष्ठा कै आग लगादे
असली नार थोड़ी होया करै
एक थाली म खाकै गैल
काट करै गैरां बीच बैठ
मौका देख लहजा बदलै
मतलब पै तू नै आप बदलै
सुर ताल बोलचाल बदलै
टेम निकले जो बयान बदलै
वो कोई यार थोड़ी होया करै
जनता के जो हक मारै
हनन करै अधिकारां का
झूठे दिखावै सपने सारे
कतल करै किसाना का
ना मोल शहीद जवाना का
घरां कै लगवा दे ताले
तारै रंग दीवारां का
गरीबी का ना बोझ तारै
सफल सरकार थोड़ी होया करै✍️

