बंदा जमीर व व्यक्तित्व गैल जुडैमनै मतलब की यारी तै नफरत हैस्यामी पाछै हो एक जिसा बयानमेरी घणी बड़ी नहीं कोई हसरत हैकाठ की हांडी तो एक बार ही चढैनीयत अर ईमान ठिकाने बरकत है
बंदा जमीर व व्यक्तित्व गैल जुडैमनै मतलब की यारी तै नफरत है
स्यामी पाछै हो एक जिसा बयानमेरी घणी बड़ी नहीं कोई हसरत है
काठ की हांडी तो एक बार ही चढैनीयत अर ईमान ठिकाने बरकत है