तेरी मुस्कान जख्म भी है,

और मरहम भी....

तुझसे इश्क मेरे अच्छे करम है,

और बुरे करम भी....

तू पास है मेरे हकीकत है,

और मेरा भरम भी....

बेपर्दा हूं मै दिल में तझसे,

और सामने पाले हूं तुझसे शरम भी...


ये मत कहना...

तुझसे इश्क है कभी बताया नहीं 

खुद से पूछ

ऐसा कोई पल नहीं...

मेरी हरकतों ने इश्क जताया नहीं 


हां ठीक है,

तेरी दुनिया अलग है,

इस दिल को अब समझाना पड़ेगा..

जो तुझ से किए थे वादे खुद से

उनको जिंदा दफनाना पड़ेगा।