तेरी जो हँसी है ना, ये सूरज है ! हारता नहीं है सूरज कभी सूरज चमकता रहता है, अंधड़ आये घनघोर घटायें बारिश लाये अँधियारा छाए, सूरज डरता नहीं है बस छुप जाता है बादलों का कवच बनाकर या ओढ़कर रात की चादर, इसे पता है ज्यादा देर नहीं टिकता अँधेरा, एक वक़्त आएगा जब अँधेरा ढल जाएगा, और उसके बाद पहले से भी तेज चमकते हुए सूरज फिर निकलेगा चीर कर अँधेरे को, क्योंकि हारता नहीं है सूरज कभी सूरज चमकता रहता है, तेरी जो हँसी है ना ये सूरज है !