किताबे जो चीख चीख के बचपन में मोहब्ब्त सिखाती थीआज अचानक सियासत सीख बेज़बान हैं।अब फरेबी आंखों मेे कहीं नीला रंग नहीं दिखताभगवा और हरे रंग मेे बटा आसमान हैं।अब शहर में मुश्किल से इंसान मिलते हैंयहां केवल अब हिन्दू या मुसलमान हैं।
किताबे जो चीख चीख के बचपन में मोहब्ब्त सिखाती थीआज अचानक सियासत सीख बेज़बान हैं।
अब फरेबी आंखों मेे कहीं नीला रंग नहीं दिखताभगवा और हरे रंग मेे बटा आसमान हैं।
अब शहर में मुश्किल से इंसान मिलते हैंयहां केवल अब हिन्दू या मुसलमान हैं।