भींग से गये हैशहर मे बरसात अभी बाकी है।भूल से गये हैइंसान से मुलाकात अभी बाकी है।चेहरे के दरारों पर मुखौटा रख शीशे बेचता हूंआईने से खुद की बात अभी बाकी है।
भींग से गये हैशहर मे बरसात अभी बाकी है।
भूल से गये हैइंसान से मुलाकात अभी बाकी है।
चेहरे के दरारों पर मुखौटा रख शीशे बेचता हूंआईने से खुद की बात अभी बाकी है।