मेरा अख़बार बीमार हैकल ही उसने मज़हबी खून की उल्टियाँ की थीआज रोते बिलखतें चेहरों को किसी कोने में छिपाओढ़ लिया किसी मुस्कुराते चेहरे का इस्तीहार हैमेरा अख़बार बीमार है।