ये देखो आपकी ही माया

यहां धूप ना ही छाया है

ये क्या किया, मैंने ही आपको लाया

यहां सहूल ना ही काया है


मैंने ही उनको भी बतलाया

कि आंखे खूली रख़ अच्छे दिन आया  है

ये क्या किया हुज़ूर आपने ने उनको भी भरमाया है

इतना ही नहीं बल्कि हमें तो खुद की नज़रों में शर्माया है


ये क्या किया आपने हमें अपनो में ही झुठलाया है?

इतना ही नहीं बल्कि आपने तो ये युवा  पीढ़ी को बरगलाया है

ये क्या किया मालिक मैंने तो बस एक आस लगाई है

और आपने तो इन आखों पर कोमल चाहतों की राख लगाई है


ये तो उस नक्षत्रों की गलती जिसने अभिलाषी गद्दी पर बिठलाया

उल्टा उन्होंने निर्मोह  हमें जा झुठलाया

अब लगता है मानो हमारी प्रजातांत्रिक सरकार ने खुद को बिकवाया है

यूं ना कहूं मैं क्युकी इन्होंने ही समय दर समय जतलया है


होकर इस तंत्र में परेशान मानो करवाया है

क्युकी ये वही तंत्र है जिसने गौरी लंकेश को मरवाया है

आख़िर क्यों ना कहूं ?

इनके ही साशन ने  कितने गरीब मजदूरों को बिन अन्न तरपाया है


ये क्या किया मालिक आपको तो हमने ही शीर्ष पर पहुंचाया है

बदले आपने ने तो हमे ना मुकम्मल विकास से तरसाया है

अंतः मैं क्या कहूं सम्पूर्ण आपकी ही काया है

फिर चाहे बेरोज़गारी या भ्रष्टाचार का ही साया है

- सारथी