
आज दूर हो,
कभी तो पास आओगी
किस्मत पलटेगी जिस दिन
तुम भी मुस्कुराओगी
यह मन अकेला भटकता है
यह रूह हमेशा तड़पती है
चीर देती है दिल को मेरे
जब आग वहां भड़कती है
इस आग में हमें जलाकर और कितना इतराओगी
आज दूर हो,
कभी
Read More! Earn More! Learn More!

आज दूर हो,
कभी तो पास आओगी
किस्मत पलटेगी जिस दिन
तुम भी मुस्कुराओगी
यह मन अकेला भटकता है
यह रूह हमेशा तड़पती है
चीर देती है दिल को मेरे
जब आग वहां भड़कती है
इस आग में हमें जलाकर और कितना इतराओगी
आज दूर हो,
कभी