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सुकून और खारा पानी

Shwetang SharmaShwetang Sharma January 21, 2023
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उसने इठलाकर मेरा हाथ पकड़ा,

और बोली......

दो पल सुकून से बैठो मेरे पास|

और टकटकी लगाई मेरे चहरे को देखती रही||


अनगिनत सवालों के गहरे समंदर,

उसकी आँखों में उमड़ रहे थे|

कुछ लहरे

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