कुछ तो महत्व रहा होगा...
उस सवा रुपये का
जो समर्पित किए होंगे
एक भक्त ने
अपने प्रभु के श्री चरणों में
जो दिए होंगे
एक भाई ने
अपनी बहन को
रक्षा सूत्र बांधने के पश्चात
स्नेह स्वरूप शगुन में
आज दिखते है...
हज़ारों, लाखों के दान
मंदिर की दान सूची में
भाई द्वारा दिए गए
मँहगे उपहार
जिनका मापदण्ड होता है-
बहन... क्या लाई है
आज खो गये हैं...
सवा रूपये या निर्मल भावनाएँ
Shweta Gupta ✍


