देख के हालात मेरी बात मे मत आइये, काम मै सब कुछ करूँगा आप बस फरमाइये |
डाल दो इल्जाम चाहे लाख कंधो पर मेरे, शर्त बस इतनी सी है कि एक रोटी चाहिये |
और क्या पता आवाज अपनी भी पहुँच जाए वहाँ, आप भी बहरी सडक पर चिखिए-चील्लाइये | हैं बिछी लाशो पे लाशे आज के इस दौर मे, जीत का ये मंत्र है ईक बार तो अजमाइये |
और आज-कल अंधी गली मे रोशनी पुरजोर है, ये सियासी लोग हैं लोगो से मत टकराइये | देख के हालात मेरी बात मे मत आइये, काम मै सब कुछ करूँगा आप बस फरमाइये |
