गण तंत्र दिवस की बधाईयां सभी दे रहे हैं, तिरंगे के साथ अपनी छवि , नाम भी , छाप रहे हैं,
देश भक्त बन,राष्ट्र गान गा रहे हैं,
देश भक्त का चोला पहन रहे हैं,
अंग्रेज तो कब के चले गए,
अब हम खुद देश को लूट रहें हैं,
हर जन मानस किसी को भी,
लूट कर, खुद को सुखी बना रहे हैं,
स्वम का स्वार्थ, पूर्ण कर,
खुद को चिरंजीवी बना रहें हैं,
चेहरे पर कुटिल हँसी लिए,
देश का गण/तन्त्र/ मिटा रहें हैं,
जय हिंद,
~Shubhra
