दुनिया कि चालाकियों से

बच कर रहा करो,

मेहमान कभी आए

तो जच कर रहा करो ।


मायूसी में लोग

बेंच ना खाए तुम्हें,

मायूस हो भी तो

हस कर रहा करो ।


नहीं दुनिया में कोई

तुम सा तुम्हारा,

खुद में खुद से

सच से रहा करो ।


ज़मीन के अंदर तुम्हें

कहीं मलाल न हो,

ज़मीन के ऊपर

इबादत कर के रहा करो ।।


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UNTIL WE MEET NEXT