मैंने एक खवाब बुना है
चिड़िया के घोसले जैसा
घोसला मेरी हक़ीक़त है
खवाबो की हक़ीक़त तुम हो
पेड़ की उस टहनी पर
टिका हुआ घोसला
नाज़ुक है
किसी धागे जैसा
तेज़ हवा में
बहेगा
और शायद
बारिश तूफ़ान में
टूटेगा भी
घोसला विश्वास का
घोसला प्रेम का
घोसला उम्मीद का
मै फिर से बुन लूंगा
तुम मत टूटना
तुम मत गिरना
घोसला खवाब है
हक़ीक़त सिर्फ तुम हो