मेरे बाबा की वो डायरी
जो पड़ी थी उनके ऑफिस के
फटे हुए से पुराने काले बैग में
डायरी के पन्नो पर
उम्र का हिसाब लिखा था
जिसमे अल्फाज़ो के रूप में
जज्बात लिखे थे .
मेरी हर एक जरुरत का ख्याल लिखा था
मेरे जन्मदिन का उसमे उपहार लिखा था
दवाइयों के नाम और डॉक्टर्स के पते थे
कुछ बिमा वालो के नंबर्स भी लिखे थे
कुछ काम लिखे थे जो उनको पुरे करने थे
और कुछ खवाब लिखे थे जो मुझे पुरे करने थे
मेरे बिगड़ते लड़कपन की वो डांट लिखी थी
तोड़े थे मैंने जो खवाब उनकी हर एक बात लिखी थी
परमात्मा परमेस्वर का पता नहीं पर
पन्नो पर गीता का सार लिखा था
डायरी में एक पेन रखा था
एक अधूरी कहानी लिखी थी
उनके जीवन जैसा
एक छोटा सा किस्सा लिखा था
मेरे बाबा की उस डायरी में
उम्र का हिसाब लिखा था