इंसानियत किस ओर जा रही है, कोई बताएगा क्या!!!!

अब इंसानियत की परिभाषा क्या रह गई, कोई समझाएगा क्या!!!!

जो नस्ल, रूप, रंग देखकर जान ले रहा,

इंसान ये कभी बन पाएगा क्या!!!!

कहीं जात, कहीं धर्म, कहीं लिंग के आधार पे होती भेदभाव,

ये समाज इन कुरीतियों को, कभी खत्म कर पाएगा क्या!!!!

नेता बदले, मंत्री बदले, बदला जमाना।

पर इन मुद्दों पर लोगो का सोच कोई बदल पाएगा क्या!!!!

भूख, बेरोजगारी, लाचारी, बीमारी के बढ़ रहे कदम, 

पर इसे कोई खत्म भी कभी कर पाएगा क्या!!!!

कहने को इंसान पर व्यव्हार जानवरो जैसा,

क्या कभी जानवरो सी मानसिकता को कोई बदल पाएगा क्या!!!!

सवाल ये खुद से नहीं, पूरी दुनिया से है,

इंसानियत किस ओर जा रही है कोई बताएगा क्या!!!!