सुनो मुझे कुछ लिखना है,इस बार काल्पनिक सा कुछ नहीं,एक वक़्त वास्तव में जिसकाअस्तित्व हो,वो वक़्त लिखना है।

वक़्त तो है पास मेरे तुमआओ तो कोई किस्सा लेतेआना,सादा पड़ा कागज भी हैअबकेआओ तो कलम काआखिरी हिस्सा लेतेआना।

एक वक़्त वास्तव में जिसकाअस्तित्व हो

सुनो..वो वक़्त लिखना है मुझे!