सभ्यता.......
से प्रचुर समाज में
सहजता की खोज
पर निकले.......
दो असहज से प्रेमी
पहुँच जाते है,
साहित्य तक!!
••••••••••••••
श्रुतिका साह


सभ्यता.......
से प्रचुर समाज में
सहजता की खोज
पर निकले.......
दो असहज से प्रेमी
पहुँच जाते है,
साहित्य तक!!
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श्रुतिका साह