कोई भाषा

...


 नहीं सीखनी इस सीमा तक

कि दे सकूँ अपनी दक्षता का प्रमाण


या मंच से सही उच्चारण के साथ 

कर सकूँ दर्शकों को सम्मोहित


सीखनी है बस इतनी 

कि पढ़ सकूँ 

उस भाषा में लिखी 


कोई किताब!!


श्रुतिका साह

०१.०७.२०२१