मेरी कवितायें
आसक्तिरहित होने लगेंगी;
तब.......
जब.. मेरे व्यंजनों को
पूर्णता देने वाले
स्वर
तुम्हारे न रहेंगे!!
➖➖➖➖➖➖➖
श्रुतिका साह


मेरी कवितायें
आसक्तिरहित होने लगेंगी;
तब.......
जब.. मेरे व्यंजनों को
पूर्णता देने वाले
स्वर
तुम्हारे न रहेंगे!!
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श्रुतिका साह