अच्छा सुनो..…...

सोचा कि आज सबको भुलाकर सिर्फ तुमको लिखूं,


यकीन मानो.......

मैं इस कदर कल्पनाओं में डूब गई, की तुम्हें लिखना ही भूल गई।।


Shrutika