बात भूख की थी
और
भूख रोटी खाने की और लिखने की भी;
मैने नहीं चुना मध्यरात्रि स्वप्न में ईश्वर को रोटी लाते देखना;
मैंने चुना दिवास्व्प्न में स्लेट और चॉक का मिलन
और लिख डाली
एक कभी ना खत्म होने वाली रोटी
भविष्य के लिए!!
~ श्रुतिका साह


बात भूख की थी
और
भूख रोटी खाने की और लिखने की भी;
मैने नहीं चुना मध्यरात्रि स्वप्न में ईश्वर को रोटी लाते देखना;
मैंने चुना दिवास्व्प्न में स्लेट और चॉक का मिलन
और लिख डाली
एक कभी ना खत्म होने वाली रोटी
भविष्य के लिए!!
~ श्रुतिका साह