हां मैंने कचरे में पड़ी जूठन के लिए बच्चों को तड़पते देखा है,उस आधी भूखी थाली से रोटी को सरकते देखा है,हां मैंने उस बेबस मां की कोख में भी एक दिल धड़कते देखा है।।श्रुतिका साह
हां मैंने कचरे में पड़ी जूठन के लिए बच्चों को तड़पते देखा है,उस आधी भूखी थाली से रोटी को सरकते देखा है,हां मैंने उस बेबस मां की कोख में भी एक दिल धड़कते देखा है।।
श्रुतिका साह