ये रौशनी ,
एक नई सुबह लातीं हैं ये रौशनी ,,
सुबह के साथ - नई उमंगे भर जाती हैं ये रौशनी ,,
तू हारा नहीं हैं अभी - सफ़र बाकी हैं ये बताती हैं रौशनी ,,
मत हो हताश , मत हो निराश ,,
तुझे चमकना हैं , तू चमकेगा ,,
जीतने की आस जगाती हैं ये रौशनी ,,
तेरे जज़्बे की लौ बन जाती हैं ये रौशनी ,,
श्रुति शर्मा (प्रिया)

