Poetry 1 min read 789.7K reads

Festival


मै फ़िर एक रोज़ा रख़ लूंगीतू फ़िर एक इद मना लेना

मै होलिका सी जल जाऊंगीतू फिर कुछ रंग उड़ा लेना

मै रात हो जाऊं अमावस सीतू फ़िर एक दीप जला लेना

मै किसी शोक सी हो जाऊंगीतू फ़िर एक त्योहार मना लेना

Read more Earn more Learn more