मै फ़िर एक रोज़ा रख़ लूंगी

तू फ़िर एक इद मना लेना


मै होलिका सी जल जाऊंगी

तू फिर कुछ रंग उड़ा लेना


मै रात हो जाऊं अमावस सी

तू फ़िर एक दीप जला लेना


मै किसी शोक सी हो जाऊंगी

तू फ़िर एक त्योहार मना लेना