बदले-बदले से तुम,
बदले-बदले से हम,
बदली-बदली-सी ख़ुशियाँ,
बदले-बदले से गम।
उलझी-उलझी सी राहें,
उलझी-उलझी सी मंजिल,
भटके-भटके से किनारे
भटके-भटके से साहिल।
ख़्वाबों-ख़्वाबों में मिलन,
ख़्वाबों-ख़्वाबों में जुदाई,
बातों-बातों में तबस्सुम,
हंसी-हंसी में रुलाई।
ठहरे-ठहरे से ताल्लुकात,
सहमे सहमे से जज्बात
बिछड़ी-बिछड़ी मुलाकातें,
बिखरे बिखरे से हालात।
फीकी-फीकी सी हंसी,
बहकी-बहकी सी बातें
सोयी-खोई सी दोपहरें
जागी-जागी सी रातें।
विरले-विरले से लोग
ठहरी-ठहरी सी कहानियाँ,
दौड़ते-भागते से लोग,
कांपती-हांफती जवानियाँ।
✍श्रीधर.
