अंतराष्ट्रीय महिला दिवस की अनंत शुभकामनाएं।


प्रणाम! हे शक्ति स्वरूपिणी!

सृष्टि स्वयं में लिए खड़ी हो।

तुम्हारे ही प्राण से सब सिंचित,

सर्वस्व में समाहित जीवन कड़ी हो;

प्रणाम! हे शक्ति स्वरूपिणी!

सृष्टि स्वयं में लिए खड़ी हो।

धरा पर धर्म को सहेजे,

वैष्णवी बनकर लड़ी हो;

प्रणाम! हे शक्ति स्वरूपिणी!

सृष्टि स्वयं में लिए खड़ी हो।

तुमसे विलग शिव शव है,

कदाचित ब्रह्म से भी बड़ी हो;

प्रणाम! हे शक्ति स्वरूपिणी!

सृष्टि स्वयं में लिए खड़ी हो।

~©संजय श्रीश्री