क्यों ???
जय जवान,जय किसान!
फिर भी सबसे ज्यादा परेशान !
उसी को सहना है हर तरह की मार,
इतनी मेहनत के बाद जिस के हाथ में सिर्फ होती है हार!
इस मिटटी से जिसको सबसे ज्यादा प्यार,
फिर भी रोता है उसी का व्यापार!
किस के लिए निभाना है उसको ये फ़र्ज़,
जो नहीं उठा सकता खुद के दो वक़्त का खर्च !
दिन रात मेहनत कर के जिसने किया सबर,
बीत जाती है गरीबी आंसुओ में उसकी उमर !
सबसे ज्यादा साफ़ और सच्ची है उसकी नियत,
फिर भी असफल है उस के लिए दुनिया में इंसानियत !
जब बड़ी होगी उसकी बेटी या बेटा होगा जवान,
क्या वो बनने देगा उनको किसान???
-श्रद्धा अरविन्द विश्वा

