एक शिक्षिका
चॉक बोर्ड से शुरू किया
और कंप्यूटर लेपटॉप को सहज ही अपनाया,
अध्यन को माध्यम बनाने वाली वो शिक्षिका है।
हिंदी संस्कृत सिर्फ उनके विषय नहीं रहे,
हर विषय में रूचि रखने वाली,
जीवन का पाठ सिखाने वाली वो शिक्षिका है।।
बच्चों से प्यार करना स्वभाविक है,
कई दिलों को छू लेने की कला जानने वाली
भविष्य को चमकाने वाली वो शिक्षिका है।
कई ख्वाहिशे मन में आती होगी जाती होगी,
पर पहले अपना कर्तव्य निभाने वाली,
पारिवारिक जिम्मेदारियों को भी साथ ले कर चलने वाली वो शिक्षिका है।
उतार चढ़ाव आते रहे जाते रहे,
फिर भी जीवन को सकारात्मकता से सजाये रखने वाली,
जब भी वो स्वाभिमान से भरी दिखती है,
वो सिर्फ मेरी माँ नहीं, एक शिक्षिका है।
-श्रद्धा अरविन्द विश्वा
3/6/2021


