वो भी अाये अौर बहार भी
फिर भी तन्हाई चुन ली मैनें
मैं तन्हा था अौर रात थी
तारों से कर ली दोस्ती मैनें
अब दिन भर उजालों में
अंधेरे ढूंढता हूं
मेरे दोस्त मुझे खोजते होंगे
इस तेज़ रोशनी से डरते हैं वो
मुझे मेरे हिस्से के अंधेरे दे दो
उजालों से तोड़ लिये रिश्ते मैनें।

