तारे तुम्हें बनना नहीं,
भीड़ में कहीं खो जाओगे।
सूरज बनकर दिखाना है,
जिससे जग में तुम दिख पाओगे।
जन्म दिया है खुद ने,
उसका मूल्य तुम्हें चुकाना है।
वर्ना इस भीड़ में सभी को,
एक दिन तो खो जाना है।
तारों में तुम नाम न करना,
वर्ना टूटकर कहीं गिर जाओगे।
सूरज बनकर दिखाना है,
जिससे जग में तुम दिख पाओगे।
तारे तुम्हे बनना नही,
भीड़ में कहीं खो जाओगे।
सूरज बनकर दिखाना है,
जिससे जग में तुम दिख पाओगे।