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बड़ी बेबस और लाचार


खोल मासूमियत की,

ओड़ चले आते हैं ।

गुनाह करते हैं,

और सच के निकल जाते हैं ।

बड़ी बेबस और लाचार,

रियाया निकली ।

भेड़िये आते हैं,

और का के निकल जाते हैं।।

शिव कुमार शर्मा

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