इतनी खूबसुरती क्यों दे दी उसने आपको आशिक हजारो क्या करे बस देखते हैं आपको, आपने तो हुस्न अपना है यहां दिखला दिया और लोहा हुस्न का सबसे यहां मनवा लिया गालों पे जो आपके, एक तिल होता अगर , तो यहां शायर सभी बस चांद कहते आपको इतनी खूबसुरती क्यों दे दी उसने आपको आशिक हजारो क्या करे बस देखते हैं आपको क्या हुआ जो कुछ हमारी आदते अच्छी नहीं अपने आशिको से यू बेरुखी अच्छी नहीं ये अदायें आपकी और भी होती हसीं, गर खुदा थोड़ी नजाकत और देता आपको. इतनी खूबसुरती क्यों दे दी उसने आपको आशिक हजारो क्या करे बस देखते हैं आपको