चंद खुशी में वर्षों की तड़प इश्क है,
जिसे हम पा नहीं सके वो तड़प इश्क है।
इश्क इरादा है इश्क एक वादा है,
जिसे हम निभा ना सके वो तड़प इश्क है।
इश्क याद है आंसुओ की बरसात है,
जिसमें हम भीग ना सके वो तड़प इश्क है।
इश्क इंतजार है इश्क इजहार है,
जिसे हम पूरा ना कर सके वो तड़प इश्क है।
इश्क सहारा है इश्क नजारा है,
जिसे हम देख ना सके वो तड़प इश्क है।
इश्क दीवानों की कुर्बानी है शिवचरण,
जिसे हम दे ना सके वो तड़प इश्क है।।
-कवि शिवचरण सदाबहार


