ऐ वक्त तु सुन तो सही... (2)

केसे इतनी आसानी से बदल जाता है तु

कभी किसी को ढेर सारी खुशियाँ

तो कभी गम दे जाता है तु

ऐ वक्त तु कह तो सही... (2)

क्यो इतना चुपचाप होकर भी सबको समझ आता है तु|

तुझसे ही यादें है हमारी

तुझसे ही उम्मीद हमारी

तुझसे ही गिला- शिकवा है|

तु ही नहीं इस दुनिया में तो ये दुनिया केसे दुनिया है

ऐ वक्त कभी तु सुन तो सही

ऐ वक्त कभी कुछ कह तो सही |