कभी nature को ध्यान से देखा है तुमने
जो मिटा देते हो इतनी आसानी से इसकी खुबसुरती को
जो खुदा ने बक्शी है हमको तोहफे में
महसूस किया है कि कितना सुकून है इनमें
कभी ध्यान से देखा होता तो जान पाते तुम,
जिस पेड़ को तुमने काट दिया उस पर चिड़िया का घर था
उस चिड़िया का घर जिसका घर पहले भी कही बार उजाडा जा चुका है|
कभी जाना है तुमने
इन दुर- दुर तक बहती इन नदियों को कितना गन्दा कर देते हो तुम
जो पानी रंगहीन है उसे रंगीन कर देते हो तुम |
कभी सोचो और समझो तुम
पेड़ों को काटना ओर पृदुषण फेलाना
क्या ये हमारे विकास की परिभाषा


