एक खामोश समन्दर थाहम सब कि निगाहें प्यासी थीहम सब की प्यासी निगाहों नेसमुद्र का पानी था पी लियाअब जब भी आंसु आते हैंउस समुद्र का पानी बहता हैमानो हम सब कि आखौं मेंअब एक समन्दर रहता है
एक खामोश समन्दर थाहम सब कि निगाहें प्यासी थी
हम सब की प्यासी निगाहों नेसमुद्र का पानी था पी लिया
अब जब भी आंसु आते हैंउस समुद्र का पानी बहता है
मानो हम सब कि आखौं मेंअब एक समन्दर रहता है