लिखु भी तो क्या लिखु
लिखु या ना लिखु??
किसानों का दर्द लिखु
या किसी का बिखरता घर लिखु
चंद ख्वाबों का टुटना लिखु
या हकीकत का मन्जर लिखु
कभी प्यार की बात लिखु
या नफरत की सोगात लिखु
किसी का अकेला कारवां लिखु
या भीड़ में होकर तन्हा लिखु
लिखु भी तो क्या लिखु
लिखु या ना लिखु??


