खुला आसमान चाहती हूँ

चंद तारें अपने नाम चाहती हूँ

हु बेटी किसी कि, किसी कि बहु भी

पर अपने लिए थोड़ा आत्मसम्मान चाहती हूँ

मत रखो मुझ पर यु निगाहों का पहरा ,

में नापना एक दिन पूरा आसमान चाहती हूँ