में एक औरत हु
क्या तुम्हें सच में पता है में एक औरत हु??
सारे रिश्ते बखूबी निभाये है मेने
हर रिश्ते के अस्तित्व को सहेजा भी
मगर खुद का खुद से रिश्ता निभाना भुल गयी
में एक औरत हु
शायद तुम्हे ये बताना भुल गयी
खुद के लिए भी कुछ लम्हे अब बचाने लगी हु
खुद से भी इश्क अब जताने लगी हु
में एक औरत हु
मेरा भी अस्तित्व है
खुद को ये बताने लगी हु


