पेड़ों के झुरमुट से झाकता सा चांद लगता है
मैं जब भी उसे देखु वो कमाल लगता है
चांद जैसा ही है वो मेरे लिए, उसे पाना ना आसान लगता है
बस ख्वाहिश यही है, कि जी भर देखु उसे
उसका मेरे हिस्से में होना नामुकम्मल
ख्वाब लगता है |


पेड़ों के झुरमुट से झाकता सा चांद लगता है
मैं जब भी उसे देखु वो कमाल लगता है
चांद जैसा ही है वो मेरे लिए, उसे पाना ना आसान लगता है
बस ख्वाहिश यही है, कि जी भर देखु उसे
उसका मेरे हिस्से में होना नामुकम्मल
ख्वाब लगता है |