हैवान की शक्ल में ये अक्स तेरा या मेरा है?

मौन रात और बेहया सवेरा है...

एक लड़की के जिस्म को

चार आपस में मिलकर बांट ले?

आओ ज़िन्दगी को बेग़ैरत ही काट लें...

क्या उसकी टूटी हुई हड्डीयों ने अपाहिज हो चुकी मानसिकता को दर्शाया है?

फिर से गिद्दों ने इंसानियत का मांस नोच खाया है...