मैंने पटाखे कभी नहीं जलाए... पर कोई मुझे मेरा त्योहार कैसे मनाना है ये भी क्यों बताए!?
मुझे रोशनी से प्यार है पर अंधेरे का डर नहीं, मरना सबको है कोई भी अमर नहीं!
बात पर्यावरण की आए तो कार्बन क्रेडिट्स की बात करते हैं हम,
मेरे हिस्से के पटाखे जला लेने दो न उसको,
उसका बचपन न करो ख़त्म!
पूरी मुस्कान पर तन अधनंगा है,
उसके लिए तो सच में कठौती में गंगा है!
सजग, सचेत और सतर्क पीढ़ी की मशाल जलाई जाए,
पर मुझे मेरा त्योहार कैसे मनाना है क्यों बताया जाए!?

