सच कहता हूं यारो वक़्त ठहर जाता है जब सामने वो आ जाती है। दृश्य हो या दर्पण एक मदहोशी सी छा जाती है जब सामने वो आ जाती है। वक़्त गुजर जाता है ऐसे सुबह से शाम हो जाती है सच कहता हूं यारो वक़्त ठहर है जब सामने वो आ जाती है।