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इश्क़


ज़ख्म गहरा है ये मत सोच की मुझमें दर्द नही नही है, कहने को तो बहुत है अपने यहाँ पर कोई हमदर्द नही है, वो भी कहते थे हमें अपना देखो वो चले गये, तुम बहुत मुस्कुरा रहे हो लग रहा है तुम्हें मोहब्बत का मर्ज नही है।

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